मकर संक्रांति से पहले गंगासागर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

 


नई दिल्ली। मकर संक्रांति से पहले गंगासागर मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। बड़ी संख्या में लोग गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के पवित्र संगम पर स्नान कर सूर्य देव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। श्रद्धालु आस्था और विश्वास के साथ इस पवित्र तीर्थ में पहुंच रहे हैं।

पवित्र गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम को गंगासागर कहा जाता है, जिसे हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर पश्चिम बंगाल के गंगासागर स्थित कपिल मुनि आश्रम में यह विशाल धार्मिक मेला आयोजित होता है।

गंगासागर मेला कुंभ मेले के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू धार्मिक मेला माना जाता है। मकर संक्रांति के मौके पर देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं और पुण्य लाभ की कामना करते हैं।

मेले का पूरा इलाका धार्मिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक वातावरण से गूंज रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु भक्ति भजन और कीर्तन गाते हुए आस्था में लीन नजर आ रहे हैं।

मेले में पहुंचे श्रद्धालु कूर्मा चैतन्य दास ने बताया कि इस पवित्र आयोजन में शामिल होकर वह बेहद खुश और उत्साहित हैं। उन्होंने बातचीत में कहा, “इस युग में पवित्र नामों का जाप हमारी चेतना को शुद्ध करने का माध्यम है। कृष्ण के पवित्र नाम और स्वयं कृष्ण में कोई अंतर नहीं है। जैसे सूर्य गंदी जगह को साफ कर देता है, वैसे ही कृष्ण के नामों का जाप हमारी चेतना को शुद्ध करता है।”

दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम कर रहा है। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी, मेडिकल टीमें और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।

एक अन्य श्रद्धालु आचार्य मनोज पांडे ने मेले के लिए किए गए प्रशासनिक इंतजामों की सराहना की। एक भक्त ने कहा, “कपिल मुनि आश्रम में इस पवित्र अवसर पर देश और विभिन्न राज्यों से आए सभी भक्तों का स्वागत है। यहां होने वाली भव्य गंगा आरती का यह तीसरा वर्ष है।”

तीर्थयात्री कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना करते और आशीर्वाद लेते नजर आए। मकर संक्रांति की ठंडी सुबह में श्रद्धालु इस विश्वास के साथ पवित्र डुबकी लगाते हैं कि गंगासागर में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

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