फार्मा सेक्टर का नया युग – निर्मला सीतारमण जी की मेहनत से 'विकसित भारत' की मजबूत नींव

 




योगेश साहू, फार्मा शोधकर्ता व पॉलिटिकल ऑब्जर्वर

रायपुर, 01 फरवरी 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करता हूं। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मजबूत, जन-केंद्रित और दूरदर्शी नेतृत्व का सबसे शानदार प्रमाण है,जो मध्यम वर्ग की आर्थिक ताकत बढ़ाने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य को हर घर तक पहुंचाने तथा फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर सुपरपावर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। वित्त मंत्री जी की अथक मेहनत, सूझबूझ और संतुलित दृष्टिकोण ने इस बजट को आम आदमी का सबसे बड़ा साथी बना दिया है। इस बजट में मध्यम वर्ग के लिए दी गई राहतें अभूतपूर्व हैं –विदेशी शिक्षा एवं चिकित्सा के लिए LRS के तहत टीसीएस दर 5% से घटाकर मात्र 2% कर दी गई है, जिससे विदेश पढ़ाई या इलाज के लिए पैसे भेजने वाले परिवारों की जेब पर बोझ कम होगा और बचत बढ़ेगी। 

साथ ही, सरलीकृत आयकर व्यवस्था, व्यक्तिगत उपयोग के लिए दवाओं-उपकरणों पर सीमा शुल्क में कमी तथा अन्य प्रावधानों से मध्यम वर्ग के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं दैनिक जीवन में सीधा फायदा मिलेगा। ज्यादा पैसा हाथ में रहेगा, जीवन आसान बनेगा और सम्मानजनक जीवनशैली संभव होगी।

शिक्षा क्षेत्र में यह बजट क्रांतिकारी है – मेडिकल शिक्षा में नई सीटों का विस्तार, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए नए एवं उन्नत संस्थान, तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना तथा अन्य योजनाओं से हर युवा को बेहतर शिक्षा एवं स्किल का अवसर मिलेगा। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाले प्रावधान भी शामिल हैं, जिससे छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी युवा पीढ़ी मजबूत बनेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए बजट में स्वास्थ्य मंत्रालय को 1.06 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, कैंसर एवं दुर्लभ रोगों की 17+ दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में पूर्ण छूट, पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन तथा आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं में वृद्धि की गई है। इससे आमजन को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर इलाज मिलेगा –कैंसर बीमारी का इलाज अब और किफायती होगा,कैंसर और डायबिटीज़ की दवाई सस्ती,दुर्लभ रोगों के मरीजों को राहत मिलेगी।

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा तोहफा है'बायोफार्मा शक्ति' (Biopharma SHAKTI) योजना – अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान! तीन नए NIPER की स्थापना, सात मौजूदा NIPER का उन्नयन, 1,000+ क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क, बायोलॉजिक्स एवं बायोसिमिलर्स का घरेलू उत्पादन बढ़ाना – यह सब भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने की दिशा में है। छत्तीसगढ़ के फार्मा उद्योग, फार्मासिस्ट समुदाय, छोटे-बड़े उद्यमियों के लिए यह सुनहरा अवसर है – ज्यादा फैक्टरियां, नई नौकरियां, सस्ती एवं बेहतर दवाओं की उपलब्धता, स्थानीय स्तर पर विकास का नया दौर शुरू होगा।छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं – महतारी वंदन योजना, गोधन न्याय योजना, कृषक उन्नति योजना, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), बाजार क्लिनिक, साइकिल सहायता एवं अन्य – केंद्र की इस दूरदर्शी नीति से पूरी तरह जुड़कर राज्य में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं आमजन के उत्थान को नई गति देंगी। 

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आर्थिक समृद्धि का नया अध्याय खुलेगा।प्रधानमंत्री मोदी जी का यह बजट 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' का सबसे मजबूत संदेश है। मैं पूरे छत्तीसगढ़वासियों की ओर से उनका एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

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